"हिन्दी दिवस पर, हिन्दी बोलने वाले, हिन्दी बोलने वालों से कहते है की हिन्दी बोलना चाहिए।" हरिशंकर परसाई द्वारा लिखा गया यह वाक्य आज हमारे समाज में हिंदी की स्थिति को दर्शाता है।
हिन्दी दिवस की बधाई! परंतु मेरा सवाल ये है की आखिर हिन्दुस्तान में हिंदी दिवस की आवश्यकता क्यूँ? हम इतने सालों से आपस में एक दूसरे को हिन्दी का महत्व क्यों बता रहे है? यह भाषा हमारी संस्कृति का अहम हिस्सा हैं, यह बात हमें हर साल इस देश को क्यूँ याद दिलानी पड़ती हैं?